mount abu me ghumne ki jagah – माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है जो अरावली पर्वतमाला में बसा हुआ है माउंट आबू सिरोही जिले में आता है और समुद्र तल से उसकी ऊंचाई लगभग 1220 मी है यह जगह हर साल लाखों टूरिस्ट को अपनी प्राकृतिक सुंदरता शांत वातावरण और ऐतिहासिक स्थलों से अपनी ओर आकर्षित करता है माउंट आबू में घूमने के लिए काफी कुछ है जिनमें नक्की झील यह माउंट आबू की सबसे प्रसिद्ध झील है यहां वोटिंग की सुविधा उपलब्ध है और सूर्यास्त के समय का दृश्य बहुत खूबसूरत होता है दिलवाड़ा जैन मंदिर संगमरमर से बने यह मंदिर जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है इसके अलावा भी आपके यहां पर बहुत कुछ देखने के लिए मिल जाता है माउंट आबू में रुकने के लिए आपको काफी सारी होटल रिसोर्ट और धर्मशाला मिल जाएगी अगर आप माउंट आबू घूमने के लिए जा रहे हैं और आपको माउंट आबू के बारे में जानना है तो आप हमारे इस आर्टिकल को आखिर तक पढ़ सकते हैं क्योंकि हम हमारे इस आर्टिकल में आपको mount abu me ghumne ki jagah के बारे में विस्तार से बताएंगे और बताएंगे आप माउंट आबू में घूमने के लिए कौन-कौन सी जगह जा सकते हैं
1. सनसेट पॉइंट (Sunset Point) – mount abu me ghumne ki jagah
राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू प्राकृतिक सुंदरता और शांति का अद्भुत नमूना है यह सनसेट पॉइंट एक ऐसा स्थान है जहां से हर साम काफी अच्छा एक्सपीरियंस देता है यह स्थान प्राकृतिक प्रेमियों कपल्स और फोटोग्राफर के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है सनसेट पॉइंट में दिखने वाला सूर्य असत इतना ज्यादा खूबसूरत रहता है कि हर दिन सैकड़ो टूरिस्ट इसे देखने आते हैं जैसे ही सूरज अरावली की पहाड़ियों के पीछे धीरे-धीरे छुपता है आकाश में लाल नारंगी और सुनहरे रंगों की लहरें फैल जाती है जिस जो एक चित्र जैसी बन जाती है अगर आप अरबली के पहाड़ियों पर माउंट आबू घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको यह जगह देखने के लिए जरूर जाना चाहिए
📍 स्थान: माउंट आबू बस स्टैंड से 2 किमी
🕰️ समय: शाम 4 बजे से सूर्यास्त तक
🎟️ एंट्री फीस: नि:शुल्क
🎯 स्पेशल: घोड़ा सवारी और फोटोग्राफी
👉 अगर आपको सनसेट देखना पसंद है तो Nakki Lake भी ज़रूर देखें।
2. अचलगढ़ किला (Achalgarh Fort) – mount abu me ghumne ki jagah
अचलगढ़ किला राजस्थान के सिधौली जिले में स्थित माउंट आबू के पास एक ऐतिहासिक किला है यह किला अरावली पर्वतमाला की एक पहाड़ी पर बसा हुआ है और मध्यकालीन वास्तुकला का एक खूबसूरत उदाहरण है अचलगढ़ किला मूल रूप से परमार वंश के शासको द्वारा बनबाया गया था लेकिन 1452 में अपना निर्माण करवाया और किले का उद्देश्य मेवाड़ की सुरक्षा और गुजरात के आक्रमणों से इसकी रक्षा करना था पास ही आपको एक शिव मंदिर देखने को मिलता है जिसे अखिलेश्वर महादेव मंदिर कहा जाता है
यह मंदिर किले के बाहर स्थित है और भगवान शिव को समर्पित है यहाँ भगवन शिव के पेरो के चिन्ह और कहां से नदी की मूर्ति दर्शनीय है मंदिर के पास एक तालाब के किनारे तीन पत्थर के बेल है किले के भीतर 1513 ई के जैन मंदिर स्थित है जो अपनी सुंदर बनाबट और वास्तु कला के लिए प्रसिद्ध है अगर आप माउंट आबू घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको अचलगढ़ किला देखने के लिए जरूर जाना चाहिए इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में टूरिस्ट आते हैं
📜 विशेषताएं:
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किले के अंदर पुराने जैन मंदिर (1513 ई.)
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भगवान शिव के पदचिह्न
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तीन विशाल पत्थर के नंदी
🧭 स्थान: माउंट आबू से 11 किमी
🎟️ एंट्री: नि:शुल्क
📷 टिप: सूर्योदय के समय दर्शन करें
3. दिलवाड़ा जैन मंदिर (Dilwara Temples) – mount abu me ghumne ki jagah
दिलवाड़ा जैन मंदिर माउंट आबू में स्थित प्राचीन और भव्य मंदिर है जो अपनी संगमरमर की बनावट के लिए जाना जाता है यहां का वातावरण काफी ज्यादा शांत है यह मंदिर न सिर्फ जैन धर्म के अनुयायियों के लिए पवित्र स्थल है बल्कि कला प्रेमियों और इतिहासकारों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है दिलवाड़ा मंदिरों का निर्माण 11वीं से 13वीं शताब्दी के बीच हुआ था यह मंदिर चालुक्य वंश के राजाओं द्वारा बनवाए गए थे इस परिसर में कुल पांच मंदिर है जो अलग-अलग गीतकारों को समझते थे काफी अच्छी संगमरमर की मूर्तियां बनाई गई है जो देखने लायक है मंदिर में कमल के फूल हाथी आभूषण और नृत्य करती अप्सरए बनाई गई है जो देखने में काफी अच्छी लगती है मंदिर परिषद में एक अद्भुत शांति और पवित्र का अनुभव होता है अगर आप माउंट आबू घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको यह जगह देखने के लिए भी जरूर जाना चाहिए
🌸 विशेषता:
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11वीं से 13वीं सदी के बीच का निर्माण
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कमल के फूल, अप्सराएं, और हाथी की मूर्तियाँ
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पांच अलग-अलग मंदिरों का समूह
🧘 ध्यान देने योग्य:
यहाँ फोटोग्राफी वर्जित है और ड्रेस कोड का पालन ज़रूरी है।
4. गुरु शिखर (Guru Shikhar) – mount abu me ghumne ki jagah
राजस्थान के हिल स्टेशन माउंट आबू में स्थित गुरु शिखर अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है बल्कि धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण जगह है समुद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग 1722 मीटर है जो इसे राजस्थान की सबसे ऊंची जगह बनता है गुरु शिखर को भगवान दत्तात्रेय की तपस्थली माना जाता है ऐसी मानता है कि भगवान विष्णु ब्रह्मा और महेश ने यहां एक साथ दत्त्री के रूप में अवतार लिया था यह गुरु दत्त के मंदिर श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख तीर्थ स्थल है यहां से माउंट आबू और अरावली की पहाड़ियों का दृश्य दिखाई देता है साफ़ मौसम में दूर तक फैले घटिया और हरियाली मन को शांति देती है सूर्योदय के समय यह स्थान सुंदर लगता है यह माउंट आबू से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको गुरु शिखर घूमने के लिए जरूर जाना चाहिए
📍 स्थान: माउंट आबू से 15 किमी
🌤️ उच्चता: 1722 मीटर
🕉️ पौराणिक मान्यता: विष्णु, ब्रह्मा और महेश के संयुक्त अवतार – भगवान दत्तात्रेय
👉 अगर आपको पहाड़ और मंदिर पसंद हैं तो Achalgarh Fort भी ज़रूर देखें।
5. नक्की झील (Nakki Lake) – mount abu me ghumne ki jagah
राजस्थान की एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू की गोद में बसी हुई नक्की झील प्राकृतिक प्रेमियों और टूरिस्टो के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है यह झील समुद्र तल से लगभग 1200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसके चारों ओर की पहाड़ियां हरियाली और ठंडी हवा इस जगह को बहुत ज्यादा आकर्षित बनाते हैं एक मानता के अनुसार यह झील देवताओं ने अपने नाखूनों से खोदी थी इसलिए इसका नाम नक्की झील पड़ा यह झील न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्व रखती है बल्कि इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है अगर आप माउंट आबू जा रहे हैं तो आपको नक्की झील घूमने के लिए जरूर जाना चाहिए आप यहां वोटिंग का आनंद ले सकते हैं यहां पर आप फोटोग्राफी कर सकते हैं और भी आप यहां पर बहुत कुछ कर सकते हैं
🚤 क्या करें:
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पेडल बोटिंग और शिकारा राइड
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झील के पास मार्केट से शॉपिंग
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बोट क्लब में चाय की चुस्की
📍 स्थान: माउंट आबू बाजार के पास
🕰️ समय: सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे
🎟️ बोटिंग शुल्क: ₹100–₹300 तक (टाइप पर निर्भर)
👉 झीलों के दीवाने हैं तो Andaman me ghumne ki jagah भी जरूर देखें।
माउंट आबू घूमने का सबसे अच्छा समय – Best Time to Visit Mount Abu
मौसम | विवरण |
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अक्टूबर से मार्च | सबसे अच्छा समय, ठंडा और सुखद मौसम |
अप्रैल – जून | हल्की गर्मी, लेकिन समर वेकेशन के कारण टूरिस्ट ज्यादा रहते हैं |
जुलाई – सितंबर | मॉनसून में हरियाली और बादल में ढके पहाड़ दिखाई देते हैं |
🛣️ माउंट आबू कैसे पहुंचे?
मार्ग | विवरण |
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सड़क मार्ग | आबू रोड स्टेशन से टैक्सी/बस से 28 किमी, NH-27 से जुड़ा है |
रेल मार्ग | निकटतम स्टेशन – Abu Road Railway Station (28 किमी) |
हवाई मार्ग | निकटतम एयरपोर्ट – उदयपुर एयरपोर्ट (175 किमी दूर) |
🏨 कहां ठहरें? – Mount Abu Stay Guide
होटल / रिसोर्ट | टाइप | विशेषताएं |
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Hotel Hilltone | बजट फ्रेंडली | बोटिंग पॉइंट से नजदीक, फैमिली के लिए सही |
Palace Hotel (Bikaner House) | हेरिटेज होटल | शाही अनुभव, झील के पास स्थित |
Forest Eco Lodge | नेचर स्टे | हरे-भरे जंगलों में, शांत और खूबसूरत |
निष्कर्ष – mount abu me ghumne ki jagah
दोस्तों हमने हमारे इस आर्टिकल में आपको माउंट आबू के बारे में बताया है माउंट आबू कैसी जगह है माउंट आबू में घूमने के लिए कौन-कौन सी जगह है और हमें माउंट आबू घूमने के लिए कौन से मौसम में जाना चाहिए अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल माउंट आबू में घूमने की जगह अच्छा लगता है और इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको समझ आ गया है कि हम माउंट आबू में घूमने के लिए कौन-कौन सी जगह जा सकते हैं तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल mount abu me ghumne ki jagah कैसा लगा धन्यवाद

मेरा नाम रोहित मीणा है मैं लगभग 4 साल से ब्लागिंग कर रहा हूं और मैं भारत के हर राज्य में घूमने के लिए जाता हूं और जैसा मेरा एक्सपीरियंस रहता है मैं अपने आर्टिकल में उनको बताता हूं अगर आपको मेरा आर्टिकल अच्छा लगता है तो आप हमारी वेबसाइट को रेगुलर बेस पर पढ़ सकते हैं