morena ghumne ki jagah – मुरैना मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास स्थित है खूबसूरत जिला मुरैना का नाम आपने कभी न कभी सुना होगा मुरैना के डाकू काफी ज्यादा प्रसिद्ध रहे हैं और चंबल तो डाकुओं के लिए ही जानी जाती है इस पर कई सारी मूवी बनी है लेकिन अभी के समय में सारे डाकू खत्म हो गए हैं और मुरैना में काफी कुछ है जिसे आप देख सकते हैं मुरैना में आपको 64 योगिनी मंदिर भी देखने को मिलता है
जिसके आधार पर भारत की नई संसद भवन को बनाया है अगर आप घूमने के शौकीन है और आप एक ऐसी जगह ढूंढ रहे हैं तो आपके लिए मुरैना जरूर जाना चाहिए मुरैना में आपको ऊंची नीची घटिया देखने को मिलती है इसके अलावा चंबल नदी भी मुरैना में है अगर आप मुरैना के बारे में जानना चाहते हैं तो आप हमारे इस आर्टिकल में आखिर तक बने रहे क्योंकि हम हमारे इस आर्टिकल में आपको morena ghumne ki jagah से संबंधित सारी जानकारी हिंदी में उपलब्ध कराएंगे
1. पहाड़गढ़ मंदिर – morena ghumne ki jagah
अगर आप मुरैना जाते हैं तो आपको मुरैना से मात्र 35 किलोमीटर की दूरी पर एक बना हुआ मंदिर देखने के लिए जरूर मिलेगा यह मंदिर चट्टानों को काटकर बनाया गया है और भगवान विष्णु और देवी दुर्गा की मूर्तियां इस मंदिर में आपको देखने को लिए मिल जाएगी यह मंदिर काफी ज्यादा पुराना है और आप यहां पर फोटोग्राफी का भी मजा ले सकते हैं अगर आप इस मंदिर के बारे में और जानना चाहते हैं तो आप किसी भी स्थानीय गाइड की मदद ले सकते हैं मुरैना में घूमने के लिए यह पॉपुलर जगह में से एक है
🧗 विशेषताएं:
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35 किमी दूर, शांत और कम भीड़भाड़ वाला स्थान
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फोटोग्राफी के लिए शानदार
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लोक मान्यताओं और किंवदंतियों से जुड़ा
👉 यदि आप गुफा शैली की स्थापत्य में रुचि रखते हैं, तो Dhar me ghumne ki jagah की बाग गुफाएं भी आपकी लिस्ट में होनी चाहिए।
2. 64 योगिनी मंदिर, मितावली – morena me ghumne ki jagah
अगर आप मुरैना घूमने के लिए जाते हैं तो आपको मुरैना का 64 योगिनी मंदिर घूमने के लिए जरूर जाना चाहिए इस मंदिर को देखकर भी भारत के नए संसद भवन का निर्माण किया गया है यह मंदिर काफी ज्यादा पुराना है और यह मंदिर गोलाकार आकार में बना हुआ है यह मंदिर मितावली में स्थित है
और इस मंदिर में तंत्र मंत्र भी किए जाते हैं जिसके कारण इसे तांत्रिक क्रियो से जोड़कर भी देखा जाता है यह मंदिर देखने में काफी ज्यादा खूबसूरत है और काफी प्राचीन भी है अगर आप मुरैना घूमने के लिए जाते हैं तो आपको यह मंदिर जरूर देखना चाहिए अगर आपने यह मंदिर देख लिया तो फिर आपको संसद भवन देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी
🔮 मंदिर की विशेषताएं:
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तंत्र साधना का केंद्र
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गोल घेरे में बनी 64 कक्षाएं – प्रत्येक में एक योगिनी की प्रतिमा
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वास्तुकला प्रेमियों के लिए स्वर्ग समान
👉 यदि आपको गोलाकार ऐतिहासिक संरचनाएं पसंद हैं, तो Chittorgarh me ghumne ki jagah जरूर देखें।
3. पडावली का किला – morena ghumne ki jagah
अगर आप प्राचीन चीजों में रुचि रखते हैं तो आपको पडावली किला देखने के लिए जरूर जाना चाहिए इस किले मैं आपको कई सारे मंदिर देखने को मिल जाएंगे इन मंदिर में आपको हिंदी देव हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां भी देखने को मिल जाएगी यह स्थान मुरैना से मात्र 25 किलोमीटर की दूरी पर है और इस मंदिर को गुप्त काल का बताया जाता है यहां पर आप फोटोग्राफी का भी मजा ले सकते हैं इसीलिए अगर आप मुरैना जाते हैं तो आपको यह मंदिर देखने के लिए जरूर से जरूर जाना चाहिए
📸 प्रमुख आकर्षण:
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भगवान विष्णु, शिव, और देवी लक्ष्मी की प्रतिमाएं
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शांत वातावरण में फोटोग्राफी का उत्तम अवसर
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गुप्त काल की स्थापत्य शैली
👉 पास ही Shivpuri me ghumne ki jagah भी इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम है।
4. ककनमठ मंदिर – morena mein ghumne ki jagah
ककनमठ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक बहुत ही ज्यादा प्राचीन मंदिर है इस मंदिर को बिना किसी सीमेंट के बनाया गया है यह मंदिर 11वीं शताब्दी का है और यह मंदिर काफी ज्यादा ऊंचा है जिसके कारण यहां पर बड़ी संख्या में टूरिस्ट घूमने के लिए आते हैं यह जगह आपको शिवन्या में देखने को मिलती है जो मुरैना के पास में ही है अगर आप मुरैना जाते हैं तो बगैर सीमेंट का बना हुआ है या विशाल मंदिर देखने के लिए आपको जरूर जाना चाहिए
📏 विशेष बातें:
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शिवनया गाँव में स्थित
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वास्तुकला प्रेमियों और इतिहास शोधकर्ताओं के लिए श्रेष्ठ
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ऊँचाई और बिना गारे की निर्माण शैली अद्वितीय
👉 धार की तरह ही Rajgarh me ghumne ki jagah में भी ऐतिहासिक किले और मंदिर देखने को मिलते हैं।
5. बटेश्वर मंदिर – ghumne ki jagah in morena
बटेश्वर मंदिर 200 मंदिरों को एक साथ बनाया गया है यह प्राचीन हिंदू मंदिर है जो भगवान शिव विष्णु और कई सारे अन्य देवी देवताओं को समर्पित है यह मंदिर गुर्जर प्रतिहार वंश के शासनकालों का प्रतीक माना जाता है यह जगह आपको मुरैना से 30 किलोमीटर दूर देखने को मिलती है यहां पर घूमने के लिए आपको किसी भी प्रकार का कोई चार्ज नहीं देना पड़ता और आपको यहां 200 मंदिर एक साथ देखने के लिए मिलते हैं इतनी बड़ी संख्या में मंदिर आपको पूरे भारत में और कहीं देखने के लिए नहीं मिलेगा
🔔 प्रमुख बातें:
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अद्वितीय स्थापत्य – सभी मंदिर अलग-अलग शैली में
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शांत और आध्यात्मिक माहौल
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प्रवेश नि:शुल्क
👉 इतने विशाल मंदिर समूह शायद आपको Khandwa me ghumne ki jagah के ओंकारेश्वर के अलावा कहीं न मिलें।
6. मुरैना की प्रसिद्ध गजक – morena m ghumne ki jagah
मुरैना ऐतिहासिक जगह के लिए ही नहीं बल्कि स्वादिष्ट गजक के लिए भी काफी ज्यादा प्रसिद्ध है और यहां की गजक पूरे भारत में प्रसिद्ध है और खासकर सर्दियों के मौसम में लोग इसे खाना काफी ज्यादा पसंद करते हैं अगर आप मुरैना घूमने के लिए जाते हैं तो आप मुरैना के लोकल बाजार में घूमने के लिए जरूर जाएं और तेल और गुड़ से बनी शुद्ध गजक जरूर ट्राई करें
🍯 खासियत:
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गुड़, तिल और घी से तैयार
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देसी स्वाद और पारंपरिक विधि
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लोकल बाजार में विविधताएं उपलब्ध
👉 मालवा की मिठास जाननी है तो Sehore me ghumne ki jagah की मिठाइयों को भी ट्राय करें।
मुरैना घूमने का सही समय – morena ke aas paas ghumne ki jagah
अगर आप मुरैना घूमने की सोच रहे हैं तो मुरैना में घूमने का समय आपको अक्टूबर से मार्च के बीच का सही रहने वाला है क्योंकि इस समय ज्यादा सर्दी नहीं पड़ती नहि ज्यादा गर्मी रहती है और यह मौसम सर्दियों का रहता है अगर आप गर्मियों में मुरैना जाने की सोच रहे हैं तो मुरैना में गर्मियों के मौसम में काफी ज्यादा गर्मी पड़ती है इसलिए आप सर्दी के मौसम या फिर बरसात के समय में मुरैना घूमने के लिए जा सकते हैं
मौसम | अनुभव |
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अक्टूबर – मार्च | सर्दियों में घुमक्कड़ी का सबसे अच्छा समय |
जुलाई – सितंबर | बरसात में हरियाली और नदियों का सौंदर्य |
अप्रैल – जून | गर्म, लेकिन भीड़ कम – शांत अनुभव के लिए उपयुक्त |
कैसे पहुंचे मुरैना? – morena ke pass ghumne ki jagah
अगर आप मुरैना हवाई मार्ग से जाना चाहते हैं तो आपको ग्वालियर एयरपोर्ट पर उतरना होगा जहां से मुरैना मात्र 40 किलोमीटर दूर है अगर आप रेल से मुरैना जाते हैं तो आपको भोपाल उज्जैन इंदौर से डायरेक्ट ट्रेन मुरैना के लिए मिल जाएगी अगर आप रोड से मुरैना जाना चाहते हैं तो आपको दिल्ली आगरा हाईवे से आप काफी आसानी से जा सकते हैं
साधन | विवरण |
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✈️ हवाई मार्ग | ग्वालियर एयरपोर्ट (40 किमी) |
🚆 रेलवे | मुरैना रेलवे स्टेशन दिल्ली, भोपाल, इंदौर से जुड़ा |
🚌 सड़क मार्ग | दिल्ली–आगरा हाईवे से आसानी से पहुँचा जा सकता है |
🛌 ठहरने की जगहें
होटल का नाम | स्थान | विशेषता |
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Hotel Chambal Retreat | मुरैना शहर | बजट फ्रेंडली और फैमिली के लिए उपयुक्त |
Gwalior Palace Stay | ग्वालियर | लग्जरी अनुभव के लिए |
Local Guest Houses | मुरैना | लोकल अनुभव और स्वाद के लि |
निष्कर्ष – morena ghumne ki jagah
दोस्तों हमने हमारे इस आर्टिकल में आपको मुरैना के बारे में बताया है मुरैना कैसा जिला है और मुरैना में पॉपुलर क्या-क्या है अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल अच्छा लगता है और इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको समझ आ गया है कि आप मुरैना में घूमने के लिए कहां-कहां जा सकते हैं तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल कैसा लगा धन्यवाद
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मेरा नाम रोहित मीणा है मैं लगभग 4 साल से ब्लागिंग कर रहा हूं और मैं भारत के हर राज्य में घूमने के लिए जाता हूं और जैसा मेरा एक्सपीरियंस रहता है मैं अपने आर्टिकल में उनको बताता हूं अगर आपको मेरा आर्टिकल अच्छा लगता है तो आप हमारी वेबसाइट को रेगुलर बेस पर पढ़ सकते हैं